*ऐसे गुरुवर देखे वन में.... ताके राग द्वेष नही मन में.....😔*

Super Admin - 7/18/2021 9:04:51 PM -

गिरिडीह--*👣प् आज दोपहर 3:35 पे श्री दिगम्बर जैन मंदिर गिरिडीह से मंगल विहार करते हुवे  सम्मेदशिखर की ओर हुवा हुआ*आज आचार्य श्री 108 विशुद्व सागर जी महामुनिराज के सानिध्य में प्रातः अभिषेक ओर गुरुदेव का पादप्रक्चलं समाज के भक्तों द्वारा हुवा इसके पश्च्यात मंगल प्रवचन हुवा दिन में 2 बजे मंगल उद्बोधन करते हुवे कहा कि गिरिडीह समाज का बहुत पूण्य था जो हमे यहाँ दुबारा खिंच लाया और यहाँ के समाज को यानी जिस प्रकार तेरे कपड़े गंदे हो जाते हैं तो कपड़े कभी गंदे नहीं होते कपड़ा तो कपड़ा है लेकिन जो उसका मल है वो लग गया है तो वहीं मालिन हो गया यानी कि कपड़ा तो कपड़ा है लेकिन जो मल लग गया है वह में ध्यान रखना मनुष्य के जीवन में भी मोह और राग का मल लग गया उसे जिनवाणी कि पानी और अरिहंत का साबुन गुरुवर की वाणी जी धो सकता है
*धन्य है दिगम्बर संतों की चर्या*
*संतो की चर्या को प्रणाम 🙏* 
*आषाढ़ माह मे पीडा़दायक गर्मी.... पसीने की चुभन शरीर के रोम रोम को हिला देती है कंठ अवरुध्द कर देती है.... ऐसे सिद्धत्व की यात्रा का अविरामी दिगम्बर संत अनवरत रुप से विहार करता हुआ सम्मेदशिखर जी की ओर बढ रहा है|*
*देह व प्रकृति प्रतिकूल होती रहे परंतु अंतरात्मा को सदैव अनुकूल रखते हुए बढ रहे है मंजिल अपनी पाने को|* 
*हम सभी प्रभु भक्ति मे यही आचार्य भगवन 
*भव्यातिभव्य महामंगलकारी परोपकारी वर्षायोग इस वर्ष का सम्मेदशिखर जी मे होना निश्चित हुआ है।

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