भारतीय सेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने चार साल बाद अपनी ताकतवर इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया है. यह टेस्टिंग ओडिशा के चांदीपुर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड पर 6 जून 2022 की शाम साढ़े सात बजे की गई. इससे पहले इस मिसाइल का परीक्षण दिसंबर 2018 में किया गया था.
स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि यह एक रूटीन ट्रेनिंग लॉन्च थी. जिसमें सारे ऑपरेशनल पैरामीटर्स की फिर से जांच की गई है. भारत इस टेस्टिंग से बताना चाहता है कि वह अपने विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध क्षमता को बनाए रखेगा. यह भारत के स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड की अग्नि मिसाइल सीरीज की चौथी खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल है. यह अपने रेंज की दुनिया की अन्य मिसाइलों की तुलना में हल्की है.
अग्नि-4 मिसाइल (Agni-4 Missile) DRDO और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने मिलकर बनाया था. इसका वजन 17 हजार किलोग्राम है. इसकी लंबाई 66 फीट है. इसमें तीन तरह के हथियार ले जाए जा सकते हैं. जिनमें- पारंपरिक, थर्मोबेरिक और स्ट्रैटेजिक न्यूक्लियर वेपन शामिल हैं.
अग्नि-4 मिसाइल (Agni-4 Missile) की एक्टिव रेंज 3500 से 4000 किलोमीटर है. यह अधिकतम 900 किलोमीटर की ऊंचाई तक सीधी उड़ान भर सकती है. इसके सटीकता 100 मीटर है, यानी हमला करते समय यह 100 मीटर के दायरे में आने वाली सभी वस्तुओं को खाक कर देती है. यानी दुश्मन या टारगेट चाहकर भी ज्यादा दूर नहीं भाग सकता।



