अडानी ग्रुप में 43 हजार करोड़ निवेश करने वाले 3 विदेशी फंडों के खाते फ्रिज, गौतम अडानी की अगुवाई वाले ग्रुप की मुश्किलें बढ़, कई कंपनियों के शेयर गिरे
Super Admin - 6/15/2021 3:26:19 AM -
Mumbai : नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (National Securities Depository Ltd) ने तीन विदेशी फंड्स Albula Investment Fund, Cresta Fund और APMS Investment Fund के अकाउंट्स फ्रीज कर दिए हैं. इनके पास अडानी ग्रुप की 4 कंपनियों के 43,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयर हैं. NSDL के इस एक्शन के बाद अरबपति कारोबारी गौतम अडानी (Gautam Adani) की अगुवाई वाले अडानी ग्रुप (Adani Group) के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं.
सोमवार को अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर 5 से 18 फीसदी तक गिर गए. ये फंड अडानी ग्रुप की कंपनियों के शीर्ष हिस्सेदारों में शामिल हैं.अडानी एंटरप्राइजेज और निफ्टी 50-सूचीबद्ध अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन के शेयरों में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. NSDL ने अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और APMS इन्वेस्टमेंट फंड के खातों को फ्रीज कर दिया है.
जानकारी छुपा रहे तीनों फंड्स
ये तीनों विदेशी फंड्स बदले हुए नए नियमों के तहत अपनी जानकारी अपडेट नहीं कर रहे थे. साथ ही कई महत्पूर्ण जानकारी छुपा रहे थे. वहीं, दूसरी तरफ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सेबी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या अडानी ग्रुप के शेयरों में प्राइस मैन्युपुलेशन किया गया है. यानी शेयरों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि किसी जोड़-तोड़ के जरिए को नहीं की गई.
अडानी ग्रुप के शेयरों में 200-1000 फीसदी की हो रही थी बढ़ोतरी
अडानी के शेयरों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि भी रडार पर पिछले 1 साल में अडानी ग्रुप के शेयरों में 200-1000 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है. सूत्रों के मुताबिक सभी घटनाओं के बीच कनेक्शन और पूरा मामला सेबी के रडार पर है. मामले के एक जानकार ने कहा कि सेबी ने 2020 में अडानी के शेयरों में बेतहाशा तेजी के मामले की जांच शुरू की थी, जो अब भी चल रही है.
बेनिफिशियल ऑनरशिप के बारे में पूरी जानकारी देनी जरूरी
इन तीनों फंड्स की अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) में 6.82 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) में 8.03 फीसदी, अडानी टोटल गैस (Adani Total Gas) में 5.92 फीसदी और अडानी ग्रीन (Adani Green) में 3.58 फीसदी हिस्सेदारी है. प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत बेनिफिशियल ऑनरशिप के बारे में पूरी जानकारी देनी जरूरी है. लेकिन ये फंड्स जानकारी नहीं दे रहे थे.


