सावन में बाबा मंदिर में ‘हरियाली’ नहीं, अब सुप्रीम कोर्ट जायेंगे MP निशिकांत

Super Admin - 7/31/2021 5:49:11 PM -

Ranchi : लगातार दूसरे साल देवघर का बाबा बैद्यनाथ मंदिर भक्तों के लिये बंद है. इससे स्थानीय पुजारियों, कारोबारियों तथा छोटे-मोटे काम करनेवाले स्थानीय युवा फांकाकशी में दिन काट रहे हैं. कोरोना संकट के कम होते खतरों के बीच राज्य सरकार ने सिनेमा हॉल, बार, कोचिंग संस्थान, स्कूल कॉलेज खोले जाने की भी इजाजत अब दे दी है, लेकिन धार्मिक आस्था के केंद्रों पर अब भी ताले लगे हैं. इसे लेकर लगातार राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक संगठन आवाज उठा रहे हैं. सरकार से इसके लिये राहत देने की मांग हो रही है.

इधर, गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे भी राज्य सरकार के रवैये पर लगातार नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. कह रहे हैं कि सीएम हेमंत सोरेन के कारण सावन के महीने में भी बाबा नगरी में सन्नाटा पसरा है. बेरोजगारी शोर मचा रही है.
सावन के महीने में भी बाबा नगरी में सन्नाटा पसरा है. बेरोजगारी शोर मचा रही है.

देवघर की अर्थव्यवस्था चौपट।
निशिकांत दुबे के मुताबिक कोरोना के नाम पर श्रावणी मेला देवघर में नहीं लगने दिया गया. इससे बाबा बैद्यनाथ के भरोसे जीवन यापन करने वाले युवाओं, स्थानीय कारोबारियों, पूजारियों के परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो चुका है. इसका एकमात्र कारण सीएम हेमंत सोरेन हैं. दुबे ने कहा कि बाबा नगरी की अर्थव्यवस्था श्रावणी मेला और मंदिर पर आश्रित है. पर राज्य सरकार के सिर्फ एक फैसले से यह सब ठप हो गया है.

सांसद के निशाने पर देवघर डीसी भी।
देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री को भी निशिकांत ने अपने निशाने पर लिया है. दुबे ने सीएम को ट्वीट करते हुए शिकायत की है कि हज़ारों की संख्या में देवघर ज़िला प्रशासन देवघर डीसी के नेतृत्व में ग़ैर क़ानूनी ढंग से पूजा करता व कराता है. अख़बार की कतरन यदि आम जनता पोस्ट करती है तो डीसी धमकी भी देते हैं. सुप्रीम कोर्ट में मेरे वकील इसके बारे में न्याय माँगेंगे.

मंदिर को कोरोना गाइडलाइन के साथ खोलेने की मांग।
गौरतलब है कि निशिकांत दुबे लगातार सरकार से बाबा बैद्यनाथ मंदिर को कोरोना गाइडलाइन के साथ खोले जाने की कई बार अपील की है. कहा है कि इस पर लाखों स्थानीय लोग आश्रित हैं. करोड़ों का कारोबार होता है जिससे उनका लालन पालन होता है. मंदिर खुलवाने के संबध में सांसद पिछले दिनों राज्यपाल रमेश बैस से भी भेंट कर चुके हैं.

65 करोड़ से अधिक का कारोबार ठप।
देवघर में श्रावणी मेला के दौरान 2 महीनों के लिये अस्थायी रोजगार से जुड़कर मेला क्षेत्र में कई लोग अच्छी कमाई करते थे. इस दौरान 250 से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें पूरे मेला क्षेत्र में लगती हैं. इस दौरान मिठाई, खिलौना, कपड़ा सहित अन्य सामग्री का 65 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता है. केवल पेड़ा का ही 25 करोड़ तक का कारोबार पहले होता था.

इसके अलावा छत्तीसगढ़ के चूड़ा का करीब 20 करोड़, खिलौनों का 10 करोड़, भागलपुरी चादर, बांस से बनी सामग्री औऱ विभिन्न प्रकार के अचार आदि का भी कारोबार करीब 25 करोड़ तक का होता था.
स्थानीय टेंपो, बस चालकों के अलावा होटल, रेस्ट हाउस कारोबार से जुड़े लोग भी अच्छी कमाई कर लेते थे. 60 से 70 लाख भक्त वासुकीनाथ और बाबा बैद्यनाथ के दरबार में सावन भादो में विशेष तौर पर आते थे.

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