रांची : बिहार के मुजफ्फरपुर और वैशाली के शातिर दिमाग झारखंड के युवकों को बना रहे थे ठगी के शिकार। रांची पॉश इलाका अशोकनगर में खोल रखा था कार्यालय। बेरोजगार युवओं को झांसे में लेते और फिर मनरेगा में प्रखंड प्रभारी बनाने के नाम पर कर लेते हजारों की ठगी। शिकायत अरगोड़ा सीओ के कानों तक पहुंची। सीओ साहब अरगोड़ा थाना पहुंचे। धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। पुलिस और सीओ साहब शिकायत वाले पते पर जांच के लिए गये। ऑफिस देखकर दंग रह गये। कार्यालय में 7 लोग काम कर रहे थे। पूरा ऑफिस वेल मेंटेन लग रहा था। किसी को धोखाधड़ी का शक ना हो, इसकी पूरी व्यवस्था की गई थी। अरगोड़ा पुलिस ने कार्यालय में मौजूद लोगों से पूछताछ की। साथ ही कार्यालय में रखे सभी दस्तावेजों और फाइलों को जब्त कर लिया। कार्यालय से पुलिस ने 43 आवेदन पत्र भी जब्त किया है। साथ ही कार्यालय को भी सील कर दिया। ठगी के शिकार कुछ लोगों से जब पुलिस ने बातचीत की तो दंग रह गई। मनरेगा में प्रखंड प्रभारी बनाने के नाम पर युवाओं को पहले झांसे में लिया जाता था। फिर किट और नियुक्ति पत्र के एवज में अकाउंट में पैसा मंगा लेते थे। ना तो नौकरी मिलती थी ना ही किट।
अरगोड़ा पुलिस ने मनरेगा मजदूर विकास संगठन के नाम पर ठगी करने के आरोपी वैशाली जिला के पौनी हसनपुर निवासी सुगंध कुमार, वैशाली जिले बिदुपुर बहुआरा के अभय कुमार, वीसी गली पतसारा के संजु देवी, बारूराज मंगुराहा ताजपुर मुजफ्फरपुर के प्रिंस कुमार, सिंह नगर फुसरो रोड बेरमो कर्ताहन बुजुर्ग वैशाली के असीत सिंह, पौनी हसनपुर वैशाली के अभिषेक कुमार और आदर्श नगर मंझौलिया लेन सदर थाना मुजफ्फरपुर के राजेश के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में इन सभी को ठगी का आरोपी पाया गया है। खुद को संस्था का विधि परामर्शी बताने वाले पटना के आलमगंज निवासी नीरज कुमार से भी काफी गहनता से पूछताछ की गई।




